सतपुड़ा रेंज टाइगर रिज़र्व नेशनल पार्क मढ़ई

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hey everyone !!! मैं हूँ लतिका कपूर और आज मैं आपको एक ऐसी नयी जगह लेकर चलती हूँ,जहाँ का वातावरण जितना ख़ूबसूरत है उतना ही शांत और सुकून भरा है,जहाँ एक ओर कल-कल बहती नदियों का किनारा है, तो दूसरी ओर प्रकृति की छाँव में विचरते वन्य जीव । जी हाँ मैं बात कर रही हूँ,भोपाल से होशंगाबाद जिले के टूरिस्ट स्पॉट सतपुड़ा नेशनल पार्क मढ़ई की ।

सतपुड़ा की राजकुमारी मढ़ई

भोपाल से करीब 130 किलोमीटर दूरी पर मढ़ई सतपुड़ा नेशनल पार्क स्थित है,सफारी जीपों की अत्यधिक भीड़ होती है,तो यकीन मानिये सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान वास्तविक में वन्यजीव प्रेमियों के लिए सबसे शानदार जगह है, यह वह जगह है जहाँ हम शांतिपूर्ण जंगल जैसा की शुरुवात में ही मैंने आपको बताया कल-कल बहती नदियों का किनारे,पहाड़ी इलाके, गहरी घाटियाँ, नालें,विशाल वन्य जीवों के झुण्ड,स्तनधारियों के झुंडों का कलरव हैं। ऐसा कहा जाता है कि पंचमढ़ी अगर सतपुड़ा की रानी है तो मढ़ई सतपुड़ा की राजकुमारी डेढ़ हजार वर्ग किलोमीटर में फैला विशाल सतपुड़ा के जंगल में इस राजकुमारी मढ़ई का राज साम्राज्य करीब डेढ़ सौ वर्ग किलोमीटर में हैं, जिसकी स्थापना सं 1981 में की गई थी । यहाँ आप जिप्सी सफारी, वॉकिंग सफारी, हाथी सफारी, बीरिंग का लुफ्त उठा सकते हैं ।

आइये जानते हैं,सतपुड़ा नेशनल पार्क मढ़ई के कुछ विशेष तथ्य

मध्य प्रदेश में स्थित भोपाल के समीप होशंगाबाद जिले के सतपुड़ा रेंज टाइगर रिज़र्व नेशनल पार्क मढ़ई का कुल क्षेत्रफल लगभग 2133.307 वर्ग किलोमीटर है,जिसमे से मुख्य कोर ज़ोन लगभग 1339.26 वर्ग किलोमीटर तक और शेष बाह्य बफर ज़ोन में फैला हुआ है । सतपुड़ा पर्वत मध्य भारत में पहाड़ियों की प्रसिद्ध श्रेणियों में से एक है । सतपुड़ा पर्वत,सत मतलब सात और पुड़ा से तात्पर्य पर्वत से है अर्थात सात पर्वतों की श्रृंखला से है । यह महाराष्ट्र से शुरू होकर मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को छूटे हुए समाप्त होती है। सतपुड़ा नेशनल पार्क को वर्ष 2010 में TOST WILDLIFE TOURISM AWARD से सम्मानित किया गया था,और बस इतना ही नहीं वर्ष 1999 से सतपुड़ा नेशनल टाइगर रिज़र्व पार्क को भारत की बाघ परियोजनाओं में भी शामिल किया गया है, जिसे अब बोरी-सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के नाम से भी जाना जाता है । प्रसन्नता से स्तब्ध और अत्यंत ही मनमोहक कर देने वाली देनवा,सोनभद्र और नागद्वारी तीनो नदियों के नाम पर मढ़ई रखा गया है इन नदियों को सततप्रवाहिनी बनाये रखने के लिए तवा डैम से गर्मियों में भी पानी छोड़ा जाता है ।

वन्य जीव-जंतु एवं वनस्पतियाँ

इसमें चित्तीदार हिरन,बारह सिंघा,जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, भालू ,काला हिरन,चीतल, साही, सांभर, चौसिंघा, तेंदुआ, बाघ, गौर, विशालकाय साढ़े तीन फुट की गिलहरियाँ,नीलगाय शामिल हैं । वही दूसरी तरफ पेड़-पौधे वनस्पतियों में साल, तेन्दु, महुआ,सागौन ,बांस आदि शामिल हैं ।

यातायात के साधन

सतपुड़ा नेशनल पार्क मढ़ई के लिए दो एयरपोर्ट्स एक भोपाल एयरपोर्ट (220kms),दूसरा जबलपुर डुमना एयरपोर्ट (260kms) से डायरेक्ट कनेक्टिविटी में फ्लाइट दिल्ली और मुंबई की मिल जाएगी । ट्रैन से सतपुड़ा नेशनल पार्क आने जाने के लिए कई रास्ते हैं,जो की हावड़ा-मुंबई मार्ग पर है,पास के रेलवे stations जैसे की सोहागपुर रेलवे स्टेशन 18 किलोमीटर, होशंगाबाद रेलवे स्टेशन 45 किलोमीटर, इटारसी रेलवे स्टेशन 65 किलोमीटर और पिपरिया रेलवे स्टेशन से 40 किलोमीटर का डिस्टेंस है । अगर आप अपनी स्वयं की कार से जाना चाहते हैं, तो सोहागपुर से पहले बाबई नाम का एक गांव पड़ता है,बाबई से आगे मुख्य मार्ग से दाहिनी तरफ का रास्ता मढ़ई के लिए जाता है। यहाँ घूमने का सबसे अच्छा और सही समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच का है,जहाँ आपको पार्क सफारी सुबह 6:30 से 11 बजे तक और शाम में 3:30 बजे से 5 बजे तक रहता है। कोर ज़ोन 1 जुलाई से 30 सितम्बर तक बंद रहता है।

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